अग्निपथ: देश जला रहे ‘उपद्रवी युवाओं’ को जरूर पढ़ने चाहिए सेना प्रमुखों के ये बयान

नई दिल्ली: इंडियन नेवी चीफ एडमिरल आर हरि कुमार ने ‘अग्निपथ योजना’ पर बात करते हुए कहा है कि यह योजना एक ‘दूरदर्शी कदम’ है, जो भारत के नौसैन्य कौशल की ‘प्रभावशीलता और दक्षता’ को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी। एडमिरल कुमार ने आगे कहा कि यह योजना ‘अग्निवीरों’ को युद्धपोतों, पनडुब्बियों, विमान वाहकों, सैन्य विमानों और नवीनतम हथियारों संग कार्य करने का एक अनूठा अनुभव प्रदान करेगी।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में नेवी चीफ ने कहा कि, ‘मैं कहना चाहता हूं कि अग्निपथ योजना नए युग की नई सोच है।’ उन्होंने कहा कि, ‘हम सभी जानते हैं कि वर्तमान और भविष्य की चुनौतियां निरंतर बदल रही हैं और इन चुनौतियों से उचित तरीके से निपटने के लिए यह जरूरी है कि हम अपने नजरिए और क्षमताओं को बदलें।’ उन्होंने आगे कहा कि यह योजना युवाओं की आकांक्षाओं और सशस्त्र बलों की भविष्य की जरूरतों में ‘संतुलन’ स्थापित करेगी।

बता दें कि देश के सामने पेश आने वाली भावी सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार ने दशकों पुरानी रक्षा भर्ती प्रक्रिया में मंगलवार को आमूलचूल परिवर्तन करते हुए थल सेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती संबंधी ‘अग्निपथ’ नामक योजना का ऐलान किया है।  जिसके तहत सैनिकों की भर्ती चार वर्ष की लघु अवधि के लिए संविदा आधार पर की जाएगी। अधिक योग्य और युवा सैनिकों को भर्ती करने के लिए दशकों पुरानी चयन प्रक्रिया में बड़े परिवर्तन को लेकर रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि योजना के तहत तीनों सेनाओं में इस साल 46,000 जवानों की भर्ती की जाएगी।

अग्निपथ के तहत भर्तियां शुरू :-

बता दें कि, भारतीय सेना ने 24 जून से अग्निपथ योजना के तहत भर्तियां शुरू करने का ऐलान कर दिया है। सेना अध्यक्ष जनरल मनोज पांडे ने इसकी घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि, उन्होंने कहा कि 2022 में अग्निपथ योजना के तहत आयु सीमा को 21 से बढ़ाकर 23 साल करने का सरकार का फैसला उन युवाओं को मौका देगा, जो बल में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे, मगर बीते दो वर्षों से कोरोना महामारी के चलते ऐसा नहीं कर सके। वहीं, वायुसेना प्रमुख मार्शल वीआर चौधरी ने कहा कि अगले शुक्रवार यानी 24 जून से भर्ती प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी। वहीं इस योजना के खिलाफ उपद्रव मचा रहे युवाओं से रिटायर्ड मेजर जनरल GD बक्शी ने अपील करते हुए कहा है कि, ‘आप अपना रास्ता मत बंद कीजिए। यदि आप ऐसे दंगों में फंस जाएंगे, आप पर पुलिस केस दर्ज हो जाएगा, तो आपके लिए सेना में जाने के सारे रास्ते बंद हो जाएंगे। आप सेना में आने का अपना रास्ता ही रोक रहे हैं, सेना में भर्ती होने का ये तरीका नहीं है कि हम तोड़फोड़ करें, अराजकता फैलाएं, रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाएं।’ लेकिन इसके बाद भी देशभर में उपद्रवी हिंसा और आगज़नी कर रहे हैं। ऐसे में ये सवाल उठता है कि देश जलाने वाले क्या सेना में रहकर देश की सेवा कर पाएंगे ?  क्योंकि एक सैनिक देश को बचाने के लिए अपनी जान तक न्योछावर कर देता है और ये उपद्रवी देश की सम्पत्तियों को जला रहे हैं और पुलिस पर भी हमले कर रहे हैं।

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